Headlines
Loading...

 स्टोरी (हिन्दी)काल्पनिक कथा एक कहानी राजकुमार ओर राजकुमारी की! एक कहानी राजकुमार ओर राजकुमारी

Knowledge-19

19-01-2021

स्टोरी (हिन्दी)काल्पनिक कथा एक कहानी राजकुमार ओर राजकुमारी की! एक कहानी राजकुमार ओर राजकुमारी

Knowledge-19

18-01-2021

स्टोरी (हिन्दी)काल्पनिक कथा एक कहानी राजकुमार ओर राजकुमारी की!

 एक कहानी राजकुमार ओर राजकुमारी की!

यह कहानी है ,एक लड़का और एक लड़की की है।लड़का बोहत बड़े घर का था, अमीर लड़का था दिखने में कोई राजकुमार ही लगता था।

credit: third party image reference

This image gets free websites

Copyright free long hair beautiful girl.com

Stock

Credit: third party image reference

वही लड़की भी कम नहीं थीं। लड़की तो मानो स्वार्ग से उतरी कोई अप्सरा थी

पर बोहोत गरीबी में जीवन बिता रही थी। एक तरफ लड़का जहा आलीशान बंगले में रहता था । तो दूसरी तरफ लड़की एक छोटिशी झुग्गी झोपडी में रहती थी। लड़की की झोपडी एक रोड के किनारे थी। वही लड़के का बग्ला सडके दूसरी साइड था ।हालाकि सड़क कोई हाइवे रोड नहीं था। लोगोके आने जाने के लिए बनाई गई थी!( वॉक वे)...लड़की की झुग्गी झोपड़ी और लड़के के बग्ले की दूरी बोहत् कम थी ।हालाकि लड़के के बंगले के सामने बगीचा भी था। फ़िर भी लड़की लड़के को आते जाते साफ साफ देख सकती थी। ........दोनों अपनी रोज की ज़िंदगी जी रहे थे। लड़की की फैमिली में उसकी मां ,और एक छोटा भाई था । और पापा तो बचपन में ही छोड़ के चले गए थे। लड़की की मां बीमार रहती थी ,तो सारी जि्मेदारी या लड़की पर ही थी। वही दूसरी तरफ लड़का अपने मम्मी पापा का एक लोता बेटा था । लड़के को ज़िदंगी में किसी भी चीज की कोई कमी नहीं थी। फ़िर भी लड़का  कुछ करना चाहता था , क्यू की लड़के का मानना था ,की अगर वह ऐसी आजाद ज़िदंगी जीता रहा मोज करता रहा तो ,वह बोहत ज्यादा आलसी हो जाएगा ।और उसे ज़िदंगी जीने का सही से तजुर्बा नहीं मिल पाएगा।

इसलिए पापा ने उसे अपना एक ऑफिस संभालने के लिए दे दिया था। इससे उनके पापा को भी काफी हेल्प मिल रहीं थीं । इस वजह से वे बाकी कामों को टाइम दे पा रहे थे। उसके पापा ज्यादा तर बिज़नस के सिसिले में मम्मी के साथ बाहर ही रहते थे क्यू के मम्मी भी किसी असिस्टेंट से कम नहीं थी। वह एक दुसरे से बोहत प्यार करते थे। वही लड़का घर अकेले रहता था ,और शहर में स्थित पापा के ऑफिस को संभाल रहा था। हालाकि टाइम पास करने के लिए उसके दोस्त भी थे ।छुट्टी के दिन लड़का अपने दोस्तो के साथ हॉलिडे मनाता था। वही लड़की रोज सुबह जल्दी उठ जाती थी ताकि उसे कहीं कोई काम मिल सके ,वह रोज आस पास के बड़े लोगो के घरो में जाती और फर्श साफ करती थीं बदले में लड़की को कुछ दस बीस रुपए और खाना मिल जाया करता था। लड़की जब बाहर जाती तो पर्दे में रहती थी। क्यू के लड़की को पता था ,की आज कल लोग हर चीज को खरीद ने की कोशिश करते है। खाना मिलने के बाद लड़की तुरंत घर वापस आ जाती थी ।और उसी खाने से वह अपनी दो वक्त की जरूरत पूरी कर लिया करते थे। जवान बेटी का यु अकेले बाहर जाना उसकी मां को बोहत बुरा लगता था वह मन ही मन बेहत चिंतीत और दुखी रहती थी। पर वह कर भी क्या सकती थी वह खुद बीमार रहती थी। उसे अपनी बेटी पर बोहत नाज़ था। लड़की जब भी बाहर जाती उसका सात साल का छोटा भाई अपनी मां का ख्याल रखता था। वही लड़का भी रोज सुबह अपनी कार लेकर ऑफिस चला जाता था। ऑफिस जाने से पहले लड़का अपने गेट के बाहर चिड़ियों को दाना खिलाता और ऑफिस का टाइम होते ही दाना रख कर आॅफिस चला जाता था। और शाम को घर आता था। लड़का और लड़की का अपने अपने काम पर जाने का समय लगबग एक ही था। लड़का रोज दाना खिलाता तो लड़की उसे तिरछी नजरो से देखती हुवी जाती थी। और सोचती की कितना दयालु लड़का है पंछियों को दाना खिलाए बगैर आफिस जाता ही नहीं चाहे देर क्यू न हो जाए और हल्किसी मुस्कुराते हुवे अपने काम पर चली जाती है। लड़का भी लड़की को रोज देखता है पर लड़की पर्दे में होने के वजह से उसे देख नहीं पाता था। लड़की को रोज जीने के लिए संगर्ष करना पड़ता था। रोज इसी तरह दोनों की लाइफ चल रही थी।लड़की उसे रोज काम पर जाते हुवे तिरछी निगाहों से देखती जाती थी। पर कभी लड़के को मूड कर देखने की हिम्मत नहीं होती थी। लड़का भी उसे देखता था। पर लडक़ी परदे में रहती और लड़का उसे देख नहीं पाता था। लड़की की झोपड़ी में रात को सिर्फ एक.. लो .. जलती थी ,वह भी कुछ देर तक ।लड़की अपने भाई को रोज रात में कहानियों भी सुनती थीं कहानियां सुनते सुनते उसे जल्दी नीद आ जाती छोटे भाई के सो जाने के बाद लड़की और उसकी मां कुछ बाते करते बाद में लो बुजने के बाद वह अंधेरे में ही सो जाते थे। वही दूसरी तरफ लड़के को रोज रात को आसमान में टिमटिमाते हुवे तारे देखना बोहत पसंद था अपनी बाल्कनी से वह रोज तारे देखता और मन ही मन कहता है कि , हे भगवान मेरी ज़िदंगी में किसी चीज की कोई कमी नहीं है बस कमी है तो उस राजकुमारी की जो... ( सपनों में खो कर अपने आपसे बाते करते हुवे)... ज़िदंगी में कभी ना कभी तो आयेगी जो सिर्फ मुझसे बेइंतहां प्यार करे ना के मेरे स्टेट्स से , वों खूबसूरत हो,लाखो में एक हो, आज्ञाकरी हो ,मेरे मम्मी पापा से भी प्यार करने वाली हो ,उनका ख्याल रखने वाली हो ! ऐसी कोई अप्सरा हो तो ..

( फनी अंदाज मे)...भगवान उसे मुजसे जरूर मिला देना। और लड़का रात को वहा झोपड़ी में जलती हूवी.. लो .. को भी जरूर देखता था। झोपड़ी के आस पास के घरों रोशनी से जगमगा ते थे, और उस झोपडी में हवा के जोके से टिमटिमाती लो का उजाला उनके लिए काफी नहीं था । यह देखकर लड़के को उनके प्रती बोहत स्नेह भाव उत्पन होता था । और वह उस लड़के बारे में भी सोचता था कि आखिर ओ लड़की इतने सबेरे उठ कर कहा जाती ...(उनके बारे लड़के को ज्यादा पता नहीं है)....होगी। फ़िर नीद का समय होते ही वह सोने चला जाता था। ऐसे ही करवट बदलता रहा । लड़की रोज सुबह लड़के को तिरछी निगाहों से देखती हुवे जाती । लड़का भी लड़की को नोटिस करने लगा था।..( समय के सात बदलाव)...

लड़की को अब ठीक से खाना और काम भी नहीं मिल पा रहा था। क्यू के कुछ लोगो ने फर्श साफ करने के लिए नोकर रख लिए थे। फ़िर भी वह जैसे तैसे कर काम मिलने के बाद ज्यादा खाने की मांग किया करती थी और ओ लोग उसे बचा हुआ सरा खाना देदे ते थे, बदले में उसे थोड़ा ज्यादा काम करना पड़ रा था। लड़की घर जाकर चिंतित रहने लगी , उसकी मां लड़की को चिंता में डूबे देखकर पूछने लगी कि ,बेटी तुम उदास क्यू हो ,तो लड़की की आंखो में आंसू आ जाते है और लड़की अपनी मां से दुखबरे स्वर में कहती है कि मां मुझे अब ठीक से काम नहीं मिल पा रहा अब तो कुछ घरों में नोकर रख लिए है ।

..( रोते हुवे लड़की कहती)..अगर मुझे इस तरह काम मिलना बंद हो गया तो हमारा गुजारा कैसे होगा । मां!  तब मां भी दुखी होकर कहती है, दुखी मत हो बेटी ईश्वर हमारे सात है वह जरूर हमारी परिक्षा ले रा है।��������..(एक दूसरे का दुख़ ब ट त्ते हुवे)... जैसे तैसे कर लड़की का गुजारा हो रहा था। पर लड़की को पता था ऐसे ज्यादा दिन गुजारा नहीं चलने वाला था। वही लड़के का एक दिन हॉलिडे था । लड़के का कहीं भी गुमने जाने का कोई प्लान नहीं था ।उसके मन में आज कोई अलग ही प्लान था आज वह लड़का उस लड़की का चूपके चुपके पिछा करने वाला था ,देखना चाहता था कि आखिर लड़की इस तरह सुबह पर्दे में कहा जाती है उसे हकीगत से रूब रू होना था।    ( पूरा वाक्या नीचे)

लड़का पच्छियो को दाना डाल कर वही अपने बगीचे में चुप कर उसे देखने लगा । लड़की भी रोज की तरह काम पर जा ही रही थी कि उसने देखा कि लड़का उसे दिखा ही नहीं ओ उसे आज पहली बार धिरे धीरे चलते हुवे मूड मूड कर दाए बाए देख रही थी ।क्यू के हॉलिडे के दिन भी लड़का पचियों को दाना खिलाता हुआ वहा गेट के बाहर खड़ा रहता था। फ़िर वह लड़की अपने काम पर चली गई । यह सब लड़का चुपके से देख रहा था।और थोड़ा आशार्य में भी था कि ,आज इतने दिनों बाद उसने मुझे पलट कर देखने की कोशिश की । रोज खड़ा रहता था ,तब तो देख ती नहीं थी। और आज...( फनी अंदाज में अपने आप से बात करते हुवे लड़का)... लड़का फटाफट से बाईक निकाल कर लड़की के पिच्छे जाने लगता है ,और लड़की को देख कर वह दूर से ही लड़की को देखने का फेसला करता है। और लड़का उसे दूर से ही देखता है ,ताकि लड़की को यह ना पता चले कि लड़का उसका पिछा कर रा है। लड़की फ़िर एक बगले के गेट के पास रुखती है और काम के बारे में पूछती है ,तो उसे वहा काम नहीं मिलता l फ़िर वह दूसरे बगले के गेट पर जाती है और काम के बारे पुछती है ,वहा भी उसे काम नहीं मिल पाता ।फ़िर वह दूसरे घरों कि तरफ जाती अब तो कुछ ही घर बचे थे क्यू की बाकी घरों में तो पहले से ही नोकर काम पर रखे हुवे थे । यह सब लड़का दूर से देख रहा था ,पर उसे कुछ समझ नहीं आ रहा था ,लड़की बगले के गेट के पास जाती फ़िर वहा से दूसरे बगले के गेट के पास जाती उसे दूर से कुछ समझ नहीं आ रहा था । लड़के के दोस्तो के घर भी वही आस पास थे ।जैसे ही लड़की आगे वाले गरो की तरफ जाती है ।लड़का भी उसके पीछे पीछे चुपके से आगे बढ़ता रहता है। लड़का देखता है कि वह लड़की उसके दोस्तो के बगले गेट के पास भी गई। । ..( लड़की अभिभी परदे में ही थी)...ऐसा करते हुवे आज लड़की को काफी समय हो गया बाद में लड़की निराश होकर घर वापस जाने लगी । लड़का रास्ते में ही था लड़की वापस आते देख तुरंत बाईक लेकर अपने बगले की तरफ चला गया। और अपने बगले पर पोहचने के बाद बाईक को खड़ी करने के बाद लड़का तुरंत गेट के पास जाकर छिप कर उसके आने का इंतजार करने लगा। लड़की धीरे धीरे चलती हुवे घर जा रही थी। लड़की बेहद दुखी हुई ।लड़की अब गेट के सामने आ गई थी और झोपडी भी थोड़ी ही दूर थी,रास्ता एकदम सुनसान था। अब तो लड़की समझ चुकी थी कि अब उन्हें रोज भूखा ही रहना पड़ेगा ,उनका आसरा अब पूरी तरह खत्म हो गया था। लड़की गेट के सामने आते ही सिसकियां लेते हुवे रोने लगी मानो उसके आंसू रुकना ही नहीं चाहते हो वह रोते रोते हुवे अपनी झोपडी की तरफ बड़ने लगी ।लड़का यह साफ साफ देख रहा था ,और उसकी उसकी रोते हुवे सिसकियां साफ साफ सुन भी पा रहा था। और लड़का काफी आचर्य में पड़ गया । लड़का फ़िर भी उसे देखे जा रहा था। लड़की गेट के सामने से गुजर रही थी । लड़की की निगाहें और परदा पूरी तरह भीग चुके थे ।लड़की आगे बड़ते हुवे अपना परदा हटाती है ,और आंसू पोहच ने लगी।������लड़के ने जैसे परदा हटते हुवे देखा तो देखता ही रह गया कुछ देर के लिए लड़का मदहोश हो गया मानो उसे उसका नशा चड गया हो। आंसू पोछते हुवे लड़की झोपडी के अंदर चली जाती है। वही लड़का होश से काम लेते हुए । लड़का खुद से ही कहता है कि आज तो हमने उनका दीदार कर ही लिया । लड़का मन ही मन खुद से कहता में भी तो ऐसी किसी राजकुमारी के सपने देखा करता था । लड़के ने बोहतसी लड़कियों को देखा था पर ऐसी राजकुमारी जैसी लड़की उसने पहली बार देखी थी ।और उस अप्सरा की खूबसूरती का कायल हो गया । ..................पर लड़का फ़िर से आशर्य में पड़ गया कि आखिर राजकुमारी रो क्यू रही थी।....( लड़का न चाहते हुवे भी उसे राजकुमारी कहने लगा).... इस बात का पता लगाने के लिए लड़का फ़िर उन घरों बगलो की ओर बाईक लेकर चल पड़ा उसने अपने दोस्तो से यह बात पूछना सही समझा ।ओर लड़का अपने एक दोस्त के घर गया जहा लड़की गई हुवीं थी। दोस्त ने लड़के का वेलकम किया। फ़िर उन दोनों ने एक दूसरे से बातचीत करते हुवे चाय ,कॉपी पी । उसके बाद लड़के ने अपने दोस्त से पुच्छा .... की क्या यहा कोई लड़की आती थीं रोज । लड़के के दोस्त को सारी बात पता थी क्यू के वह लड़की अक्सर उनके घर के भी फर्श साफ करती थी। पर अब उन्होंने भी नोकर रख लिया था । लड़के के दोस्त ने कहा कि ,...अरे हा ओ लड़की हा ओ रोज आती थी,ओर फर्श साफ कर दिया करती थी ।बदले में वह हमसे खाना ओर कुछ पैसे ले जाया करती थी। वह ऐसे ही रोज आती थी और घर घर जाकर काम पूछती ओर काम मिल जाने पर काम पूरा करके बदले में अपने लिए खाना ले जाती थी। लड़के ने यह सब सुनने के बाद बोला,की ओ लड़की तो मुझे आज खाली हाथ जाते हुवे दिखी क्यू? दोस्त ने जवाब दिया कि अरे हा शायद सभी ने परमानेंटली नोकर रख लिया होगा ।हमने भी आज से कामवाली रख लिया है। शायद उसे आज काम नहीं मिला ओर अब शायद ही मिल पाएगा । इतना सब सुनने के बाद लड़का दोस्त से कहता है , ठीक है में चलता हूं ! फ़िर लड़का वह से निकालता है ओर अपने बगले के गेट के पास रुकता है ।काफी समय हो चुका था,ओर शाम भी होने वाली थी। लड़का ओ सारी बाते सुनकर बोहत दुःख हुआ ।..( लड़का लड़की के ओर करीब आ चुका था).. लड़के को आज पता चला कि , कैसे एक गरीब इंसान इस भागदौड़ भरी ज़िदंगी में अपने हालातो से लड़ते जगड़ते उम्मीदों के सहारे जीता है,ओर जब यही उम्मीद टूटती जाती है ।वह किस कदर दुखी हो जाता है उसका ऐहसास आज उसे हो रहा था।... फ़िर लड़का मुस्कुराते हुवे खुद से कहने लगा कि,.. दुखी मत हो राजकुमारी हम तुम्हें भूखा कभी नहीं सोने देंगे। लड़का फटाफट से फाइवस्टार होटल से खाना ऑडर करता देता है ।..(शाम हो चुकी थी)..ओर खाना पोहचाने वाले से कहता है कि आज से तुम रोज सुबह शाम खाना लेकर उस झोपडी में पोहचाना है बिल में में ही पे करूगा ओर तुम्हें अलग से टिप भी दुगा।ओर फटाफट से वह खाना उस पर्सन को वहा दे आने को कहता है ओर सात ही यह भी कहता है ,की उन्हें हमारे बारे में मत बताना ओर उन्हें यह भी कहना की ,... तुम्हे अब कहीं भी जाने की कोई जरूरत नहीं आपके लिए रोज सुबह शाम खाना यही पहुंचा दिया जायेगा ।काम होने के बाद लड़का उस व्यक्ति को टिप देता है थैंक बोल कर अपने बगले में चला जाता है । और वह व्यक्ति भी वहा से चला जाता है। (बरसात का मौसम भी शुरू होने वाला था).....।.

         लड़का फ़िर अगले दिन ऑफिस जाने के लिए निकला इस बार वह पंचियो को दाना डाल कर झोपडी की ओर देख कर सोच रा था ,मन ही मन खुद से केह रहा था ... अब तो राजकुमारी शायद देखने मिलेगी रोज। तभी लड़की झोपड़ी से बाहर निकली और पानी लेने उसी रास्ते से जा रही थी । लड़का मन ही मन बोहत खुश हुआ। । और उसे देखने के बाद ऑफिस के लिए चला गया । लड़की ओर लड़की मां काफी खुश थे की कोई तो है जो उनकी मदद कर रहा है। लड़की पानी लेकर घर आ जाती है, तब तक डिलीवरी बॉय भी खाना देकर जा चुका था। फ़िर लड़की ओर उसकी मां, छोटा भाई खाना खाते है ।खाना खाने के बाद लड़की की मां लड़की से कहती है कि ,हम शाम को उस खाना पोहचेन वाले से जरूर यह सवाल करेंगे की आखिर हमें दो वक्त का खाना देने वाला नेक दिल इंसान को है? 

   शाम होने के बाद लड़का भी ऑफिस से आ जाता है,तभी डिलीवरी बॉय भी आ जाता है । लड़का उसे कार का हॉर्न ब्जा कर उसे पास बुलते है ओर पूरे एक साल का बिल ओर एक साल की टिप कैश ओर बिल का चेक बना कर उस डिलिवरी बॉय को दे देता है । फ़िर गेट के अंदर चला जाता है।यह सब लड़की झोपडी के एक छेद से देख रही होती है। वह सब समझ जाती है ।वह बॉय भी खाना देने आता है । तभी लड़की की मां उसे वह सवाल करती है,तो वह डेलिवरी बॉय बताता है .... उसने आप लोगो से बताने के लिए मना किया है ।में नहीं बता सकता और सॉरी यह बोलकर वह वहा से चला जाता है।

फ़िर जब रात को लड़की कि फैमिली खाना खाने के बाद लड़की लो जलाती है। रोज की तरह वह एक दूसरे से बाते करते है। फ़िर थोड़ी देर बाद लड़की अपनी मां से कहती है कि... मां तुम्हे कुछ बताना है ,यह सब छोटा भाई भी सुन रहा था। मां कहती है बताओ बेटी क्या बात है? तो लड़की बताती है ..... मां ओ जो हमारी झोपड़ी के सामने शीशे के घर में ओ जो लड़का रहता है, .. यह सुनते ही छोटा भाई बोलता है कि हा ओ राजकुमार जिसे दीदी रोज देखती है ओर वह राजकुमार भी दीदी को पंछियों को दाना खिलाने के बहाने देखता रहता था।....इतना सब सुनकर लड़की शर्मा भी जाती है ओर छोटे भाई से कहती अरे चुप कर आज कल तू बोहत बोलने लगा है। मां भी थोड़ी मुस्कुराते हुवे कहती है ,तू मुझे कुछ बता रही थी ना ।लड़की कहती है हा मां वही राजकुमार,,,,������ मेरा मतलब वो लड़का ही है जो हमारी मदद कर रहा है।  मां कहती है ,....अरे हा वही लड़का ना जो रोज अपने दपत्तर जाता है सुबह सुबह लड़की कहती है हा वही । फ़िर से मां ..लड़के कि तारीफ करते हुवे कहती है..... अरे वो लड़का तो बड़ा ही शरीफ ओर संस्कारी लगता है ,मुझे तो लगता था बड़े घर के बच्चे बिगड़े हुए होते है। हमारे लिए तो वो फरिश्ता है बेटी ,वरना आज कल तो लोग एक दूसरे की मदद करने में भी सौ बार सोचते है । लड़की कहती है हा मां ! मां फ़िर से आचर्य से पुच्छती है पर बेटी उस लड़के को कैसे पता हम मुसीबतों में है । लड़की भी थोड़ी आश्चर्य में पड़ जाती है । तभी अच्चानक से लड़की का छोटा भाई बोलने लगा ... दीदी मुझे सब पता है ,लड़की कहती क्या बताइए तो जरा हम भी तो सुन..... छोटा भाई बताता है कि... दीदी एक दिन मै झोपडी के बाहर खेल रहा था ओर उस दिन ओ. .. ( उस दिशा में हट दिखाते हुवे).. राजकुमार भी घर पर ही था  और जब दीदी तुम काम पर सुबह जा रही थी तब वह राजकुमार( वह लड़का) तब मैंने देखा कि वह राजकुमार पक्षियो को दाना रखकर वहा बगीचे में छिप गया था ओर ( मां की तरफ देखते हुवे) वह दीदी को देख रहा था । फ़िर�� मुस्कुराते हुवे और दीदी भी उस राजकुमार को पलट कर देख रही थी पर वह दीदी को दिखा नहीं। फ़िर लड़की शरमाते हुवे अपने छोटे भाई से कहती... अरे चुप कर! मां जट से कहती है अरे बोलने दे उसे । लड़की कहती ठीक है बताओ छोटे ओर क्या देखा था। छोटा भाई बात आगे बढ़ात हुवे कहता है...... जब दीदी उन बड़े घरों की तरफ चली गई तब वह राजकुमार भी बाईक लेकर दीदी के पिछे पिछे गया था । फ़िर तब तक मां भी सो गई थी। ओर में दीदी की रहा देख रहा था झोपडी के बाहर बैठ कर थोड़ी देर बाद वह राजकुमार फ़िर से वापस आया और वहा बगीचे में छिप गया था । वह बार बार वहा से देख भी रहा था ।मुझे यह सब देखकर बड़ा आंनद आ रहा था। मां सुन रही थी। ओर लड़की कहती है छोटे आगे भी तो बताओ । फ़िर छोटा भाई बताता है.... जैसे ही दीदी आयी वह छीपने लगा । दीदी रोते हुवे धीरे चलते हुवे आ रही थी । फ़िर मै मां को बताने झोपड़ी के अन्दर आ गया था। और यह सब वह राजकुमार ने भी देख रहा था। फ़िर मुस्कुराते हुवे सब ओर छोटा भाई कहता है मैंने तो बस इतना ही देखा था। सभी को सब समझ आ चुका था। मां बड़े धीरे स्वर में कहती... शायद वह हमारे हालत समजचुका था ।ओर शायद उससे हमारी यह दशा देखी नहीं गई । मां उस राजकुमार का शुक्रिया करते हुवे सो जाती है । और लो भी बुझने वाली थी फिर सब सो जाते है। लड़की इतना सब सुन कर लड़की लड़के की ओर आकर्षित और ज्यादा आकर्षित होने लगी थी। लड़के ने उनके लिए जो भी किया था उस वजह से लड़की बोहत खुश थी । ओर किसी भी तरह लड़के का शुक्रिया अदा करना चाहती थी।....( अब दुरिया नज़दीकियों में बदल रही थी।)...... इसी तरह दोनों कि लाईफ चलने लगी थी। दो दिन बाद लड़के का जन्म दिन था। और लडके के भी मम्मी पापा उसका जन्म दिन मनाने घर वापस आ गए थे।लड़के के घर सब तैयारियां चल रही थी। एक दिन गुजर गया। जन्म दिन एक दम धूम धाम से मनाया जाना था। अगले दिन lagbg सारी तैयारियां हो चुकी थी। लड़के के मम्मी पापा के भी कुछ दूर के रिशतेदार एक दिन पहले ही आ गए थे । फ़िर अगले दिन लड़के का जन्म दिन था ओर जन्म दिन की पार्टी भी शाम को होनी थी। शाम होने वाली थी फिर कुछ डेलिवरी ब्वॉयज �� केेक लेकर आए केक काफी बड़ा था। ओर फ़िर बारी बारी से गेस्ट आने लगे ।लड़का ओर उसके कुछ दोस्त ओर साथ में लड़के की मॉम भी गेट पर अतिथियों का स्वागत कर रहे थे। यह सब लड़की ओर उसकी फ़ैमिली भी झोपडी से बाहर बैठ कर देख रहे थे उसी समय एक BMw कार आती है , और उस कार से तीन लोग उतरे फ़िर ड्राइवर कार को पार्किंग में ले गया । लड़के की मॉम आगे अयी ओर उनका स्वागत करने लगी फिर मॉम् ने लड़के से परिचय करवाया मॉम कहती है... एलेक्स यह आपके मामा जी है ओर यह आपकी मामी है, एलेक्स कहता है मामा ओर मामी को तो हम जानते है। और एक लास्ट बची थी।लड़का पूछता है यह कोन है? मॉम कहती है पहचानो? लड़का पहचान नहीं पा रहा था क्यू के वह फोरेन में रहने लगे थे। बचपन में लड़का वह लड़की साथ साथ स्कूल जाते थे ओर लड़ते झगड़ते भी बोहत थे। पर फॉरेन में बिज़नेस सेट होने के वजह से उन्हें फॉरेन में शिफ्ट होना पड़ा था। उस फॉरेन लड़की का नाम एंजेल था, एलेक्स ने मुस्कुराते हुवे कहा कि .... मेरे ख्याल से यह एंजेल है ।है ना! सभी एक ही आवाज में बोली अरे वाह सही पहचाना ।ओर फ़िर हस्ते हुए बाते करते हुवे मॉम उन्हें अंदर ले गई। लड़का बाक़ी गेस्ट का स्वागत करने रुक गया। सारे गेस्ट आए चुके थे ।लड़का थोड़ा बिजी हो गया था अब गेट के अंदर जाने ही वाला था ।जाते जाते उसने झोपडी की तरफ देखा तो उसे वह लड़की और उसकी मां ओर लड़की का छोटा भाई दिखा ।लड़के ने तुरंत वहा काम कर रहे एक गार्ड से कहा कि ... ओ जो सामने झोपडी के बाहर बैठे है उन्हें जाकर कहो कि मेरे जन्म दिन पर उन्हें भी आना है ,यह के कर वह गार्ड को उन्हें इन्वाइट करने भेज देता है। फ़िर लड़का लड़की की तरफ इशारा करता है कि तुम्हे भी आना है ओर उसकी तरफ देख कर मुस्कुराते हुवे अंदर चला जाता है।लड़की अब बिना पर्दे के बैठी थी ,तो लड़की भी मुस्कुराते हुए साफ दिख रही थी������। गार्ड ने एलेक्स के कहे मुताबिक उन्हें प्यार से सब कह दिया कि �� प्रिंस एलेक्स ने आपको भी जन्म दिन की पार्टी में बुलावा भेजा है आप लोग जरूर आयेगा।उन्हें एक एलेक्स का ऑटोग्राफ भी देता है जो एलेक्स उन्हें देने को कहता है ताकि अगर अंदर आने से उन्हें कोई रोके नहीं ।गार्ड उन्हें अच्छी तरह समझ कर अपनी डयूटी करने चला जाता है । पार्टी शुरू होने में अभी दो गंट्टे बाकी थे।........... लड़की बोहत खुश हुवि और अपनी मां से कहने लगी ... मां हम लोग जरूर जायेगे , मां कहती है हा बेटी पर तुम्हें तो पता है मेरी तबियत अभी भी ठीक नहीं है । फ़िर लड़की कहती है ठीक है मां तुम आराम करना और खाना खा लेना। मां कहती है ठीक है बेटी तुम ऐसा करो अपने छोटे भाई के साथ चली जाओ। फ़िर फाटक से छोटा भाई बोलता है नहीं में नहीं आऊगा में मां का ख्याल रखूंगा । मां अलेकी रहेगी दीदी तुम जाओ हम मां का ख़्याल रखेगे।फ़िर लड़की कहती है कोई नहीं आना चाहता ठीक है हम भी नहीं जाने वाले������। शरारती छोटा भाई फ़िर से बोलता है ... अरे दीदी आपके राजकुमार ने इतने प्यार से बुलावा भेजा है ,तो आपको तो जाना ही पड़ेगा वरना राजकुमार खफा हो जायेगे������।लड़की मुस्कुराते हुवे प्यार से छोटे के गाल पकड़ लेती है। मां कहती है कोई बात नहीं बेटी अगर भगवान ने तुमरे लिए कोई राजकुमार चुन रख होगा तो तुम दोनों को जरूर मिलाएगा।वैसे भी उस बले इन्सान का शुक्रिया करने का इससे अच्छा मौका हमें नहीं मिलेगा तुम्हे जाना ही होगा ।लड़की मान जाती है। ओर फटाफट तयार हो जाती है।पर उसके पास कोई न्यू ड्रेस नहीं थी नाही अच्छी ज्वैलारी थी फिर भी लड़की बोहत सुंदर लग रही थी ।लड़की तयार हो चुकी थी । और अब लड़की ऑटोग्राफ लेकर, हातो में अपने गमले से तोड़कर एक गुलाब लेकर पार्टी में जाने लगी लड़की गेट के पास रुकी फ़िर वहा खड़े गार्ड ने लड़की को पहचान लिया और उसकी गेट के अंदर एंट्री करवा दी।लड़की बोहत हिम्मत से अंदर गई आजू बाजू सब बड़े बड़े लोग थे तो लड़की एक कोने में जा कर अकेली खड़ी हो गई वहा थोड़ा अंधेरा भी था सभी लोग एक दूसरे से बात करने में बिजी थे।पार्टी बगले के बाहर ही चलनी थी पब्लिक बोहत ज्यादा थी, इसलिए। लड़की देख रही थी बोहत ही अच्छे इंतजाम किए हुवे थे बड़ा ही खूब सूरत नजारा था।फ़िर अचानक केक काटने की प्रक्रिया अनाउंस हूवि सभी लोग एलेक्स के आजू बाजु जमा हो गए ।लड़की भी एलेक्स को देखने की कोशिश कर रही थी।पर आसपास लोग जमा होने के कारण एलेक्स उसे दिख नहीं रहा था।फ़िर एलेक्स ने केक काटा और अपने मम्मी पापा को केक खिलाया और अपने रिश्ते दरो ओर दोस्तो को भी खिलाया । आतिशबाजी शुरू हो चुकी थी dj बज रहा था लोग एन्जॉय कर रहे थे।

सभी लोग पार्टी करने में बिजी थे।फ़िर एलेक्स सोचने लगा अरे यार मेरा खास मेहमान कहा रह गया ,वह जरुर आया होगा।एलेक्स उसे दुड़ने लगा। फ़िर एलेक्स को एक अंधेरे कोन में कोई नजर आया एलेक्स ने उसे तुरंत पहचान लिया और उसके पास दौड़ा चला गया।एलेक्स ने अपनी राजकुमारी को Hi! कहा लड़की ने भी लड़के कों Hello! कहां अरे  आप यहां खड़े हो अंधेरे में जरा। अंधेरे से बाहर निकलिए लड़की कहती जी नहीं हम यही ठीक है ओर अब तो अंधेरे में रहने की आदत हो चुकी है। लड़का उसे अपनी दिल की बात उसे बताना चाहता था पर क्या लड़की भी उसे चाहती है लड़का sure नहीं था। फ़िर लड़का उससे बाते करने लगा। और तारीफ भी करने लगा .... तुम बोहत खूबसूरत हो, और जिम्मेदार भी हों,ओर अंदर से बोहत स्ट्रॉन्ग भी हो। लड़की गर्दन जुका कर सब सुन रही थी। लड़का कहने लगा तुम अपने परिवार के लिए जो करती थी ओ सच में काबिलिय तारीफ है।...(लड़का धीरे धीरे अपनी दिल की बाते साझा करने लगा था।)....उस दिन तुम्हे रोते हुए देख कर हमें बोहत दुःख हुआ। एलेक्स ने कहा आप चुप क्यू हो? बोलिए ! लड़की कहने लगी आप ने हम पर बोहत बड़ा ऐसान किया है।में तो आपका शुक्रिया अदा करना चाहती हूं। (....एलेक्स को लगने लगा शायद डेलिवरी बॉय ने सच बता दिया होगा।)... ओर लड़की वह हातो में छिपाया हुआ गुलाब ,���� उसे दे देती है। लड़का उसे तहे दिल से थैंक! कहता है।लड़की भी उसे चाहती थी पर अमीर गरीब का फर्क था। इसीलिए लड़की भी अपनी दिल की बात एलेक्स को का नहीं सकती थी। पर एलेक्स अब हिम्मत कर उसे अपनी दिल की बता देता है ।.....( सब लोग एन्जॉय करने में बिजी थे)

  एलेक्स कहता है कि...................मेरा नाम एलेक्स है ,क्या आप अपना नाम बताएगी प्लीज़! लड़की कहती है मेरा नाम Rose है ।

एलेक्स: ओह पर इससे पहले हम आपको राजकुमारी कहते थे।

Rose: मन हि मन मुस्कुराते हुवे ,जैसा हम सोचते है वैसा ही सोचते है शायद राजकुमार!

एलेक्स: जानती हो राजकुमारी जी मेरा मतलब Rose आपने ख़ुद को हमे सौफ दिया है अब तो आपको बड़े प्यार से संभाल कर रखना होगा हमें।

Rose: मन ही मन sure हो चुकी थी कि एलेक्स भी उनसे प्यार करता है अब ओ देखना चाहती थी कि एलेक्स कब उनसे प्यार का इजहार करेगे।

मॉम: तबी अचानक एलेक्स की मॉम ने उनकी बांजी (Angel) और अलेक्स की सगाई की बात अनाउंस कर दी। और साथ ही शादी की डेट भी फिक्स कर दी।

Rose: यह बात सुनते ही Rose एलेक्स की आखों में प्यार भरी निगाहों से देखने लगी उसकी निग़ाहों से कुछ आसू भी जलक रहे थे।

एलेक्स: एलेक्स यह समजने में देर नहीं की के Rose ne उसकी दिल की बात अपनी आंखों से बया कर दी ,

अब तो देर बस इस बात की थी कि कब एलेक्स अपनी दिल की बात Rose को बताएगा।

एलेक्स: ने ज़रा भी देर नहीं की यहीं सही मौका हैं, और अपने हातों में जो गुलाब था जो rose ने दिया था उसी से Rose को प्रपोस करते हुवे कहा U marry me 

Rose: रोते हुवे कहा Yes ��

एलेक्स : कहने लगा u love me��

Rose: Yes  I love u 

एलेक्स: खड़े होकर Rose को सीने से लगाते हुए कहता है I I love you so much Rose,������( एलेक्स को अब किसी का डर नहीं था)....

पर Rose के मन में अभी भी कुछ सवाल थे। Rose ने अलेक्स से पूछा क्या तुम्हारे अपने मुझे अपनालेगे ? अगर यह दुनियां वाले तुम्हे ताना मारेगे तो क्या तुम इन्हें जवाब दे पाओगे? 

एलेक्स: एलेक्स थोड़ी देर चुप रहा और बोला हां!

Rose: अलेक्स की ओर देख कर मुस्कुरा रही थी। अब rose के मन में कोई सवाल नहीं था।

एलेक्स: rose से केहता है मुझे थोड़ा समय दो ताकि मै अपने मम्मी पापा को समझा सकु।ट्रस्ट me

बोहत देर हो चुकी थी रात के ९ बज चुके थे ओर पार्टी भी अभ खत्म होने वाली थी।

एलेक्स : कहता है... देर हो गई है तुमारी मॉम तूमारी रहा देख रही होंगी चलो में तुम्हें छोड़ देता हूं।

दोनों साथ साथ एक दूसरे से बाते करते हुवे गेट को पार करते है ।गेस्ट भी अब धीरे धीरे घर जा रहे थे। 

एलेक्स: एलेक्स rose ka हाथ पड़कर झोपडी के थोड़ी ही दूर रुका और आसमान की ओर देख कर मुस्कुराते हुवे भगवान् को थैंक्स बोलने लगा।आज तुमने मेरी ओ आखिरी wish भी पूरी कर दी जो में तुमसे रोज मांगा करता था। और फिर Rose को एलेक्स ने कस कर पकड़ा ( मौसम भी रोमांटिक था) और Rose की....आंखो में देखते हुए Rose को kiss कर लिया और Rose भी एलेक्स को ना नहीं कर पाती।....( हालाकि Rose को रोमांस के बारे कुछ पता नहीं होता)... एलेक्स के kiss करने के बाद Rose पर एलेक्स का नशा सा चढ गया ।

और Rose एलेक्स से केहने लगीकि यह क्या था? Rose कहने लगी ... मेरी दिल की धड़कने बोहत तेज हो गई थी।एलेक्स: मुस्कुराता है और कहता है अब तुम जाओ मम्मी के पास वरना फ़िर से ओ (kiss) कर लूंगा ।Rose शरमाते हुवे bye good night TC बोलती है । एलेक्स भी good night अपना ख़्याल रखना ।बस कुछ दिनों की बात है , हम तुम्हें यहां से लेे जायेगे। रात के १० बजने को थे।फ़िर दोनों अपने अपने घर चले जाते हैं।( पार्टी खत्म हो चुकी थी।)

      घर आने के बाद एलेक्स अपने कंप्युटर पर बैठ कर ऑफिस के सभी स्टाफ को मेल कर देता है , और १० दिनों की सभी को छुट्टी दे देते है।........

0 Comments: